Saturday, October 24, 2009

यह हलकी सी हवा मेरे सास में.


यह हलकी सी हवा मेरे पास में.
यह हलकी सी हवा मेरे सास में.


जब मैं सुबह उठता हूँ,.
खिडकीसे तुम्हें देखता हूँ .
यह हलकी सी हवा अंदर लेता हूँ.
खुद की पहचान मेरे पास में.
यह हलकी सी हवा मेरे सास में.

जब तक हवा पानी हैं.
तब तक तू मेरी रानी हैं.
जीना भी क्या एक ही आस में.
यह हल्किसी हवा मेरे सास में.

जिंदगी एक पहेली हैं.
जो जीता उसकी सहेली हैं.

रानी ही गुम हो गई मेरे ताश में.
यह हलकी सी हवा मेरे सास में.

जिंदगी भर भटकता रहा.
जीवन के जाल में अटकता रहा.
बीती पूरी जिंदगी तेरी तलाश में.
यह हलकी सी हवा मेरे सास  में.

4 comments:

  1. बहुत सुन्दर गीत -- मन के भारीपन को कम कर दिया
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  2. अच्छा लिखते हैं आप
    यूँ ही लिखते रहें
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  3. how u get all these words so bonding too lovely i am fan of yours i am proud of u that ur my brother. thank you for the beautiful thought.
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  4. please improve your drawing
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